॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: प्रकाशित होना,चमकना
संस्कृत: दीप्तौ
अंग्रेज़ी: to glow, to shine
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | त्वेषति | त्वेषतः | त्वेषन्ति |
| मध्यम | त्वेषसि | त्वेषथः | त्वेषथ |
| उत्तम | त्वेषामि | त्वेषावः | त्वेषामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: त्वेषति · लट् (आत्मने.): त्वेषते · लिट्: तित्वेष · लिट् (आत्मने.): तित्विषे · लुट्: त्वेष्टा · लुट् (आत्मने.): त्वेष्टा · लृट्: त्वेक्ष्यति · लृट् (आत्मने.): त्वेक्ष्यते · लोट्: त्वेषतात् · लोट् (आत्मने.): त्वेषताम् · लङ्: अत्वेषत् · लङ् (आत्मने.): अत्वेषत · विधिलिङ्: त्वेषेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): त्वेषेत · आशीर्लिङ्: त्विष्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): त्विक्षीष्ट · लुङ्: अत्विक्षत् · लुङ् (आत्मने.): अत्विक्षत · लृङ्: अत्वेक्ष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अत्वेक्ष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: त्वेषण · ण्वुल्: त्वेषकः · तृच्: त्वेष्टा · ण्यत्: त्वेष्यः · तव्य: त्वेष्टव्यः · अनीयर्: त्वेषणीयः · क्त: त्विष्टः · क्तवतु: त्विष्टवान् · शतृ: त्वेषन् · स्य-शतृ: त्वेक्ष्यन् · शानच्: त्वेषमाणः · क्त्वा: त्विष्ट्वा · ल्यप्: प्रत्विष्य · तुमुन्: त्वेष्टुम् · णमुल्: त्वेषम् · घञ्: त्वेषः · क्तिन्: त्विष्टि · क्वसु: तित्विष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| त्वेषति | त्विष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: त्वेषता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: त्वेष + तल् (भाववाचक) | त्वेषत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: त्विष् + शतृ |
त्वेषति ➤ प्रकाशित होना,चमकना
संस्कृत: दीप्तौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड