॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: टेढ़ा जाना, कपट पूर्वक जाना, छिपकर जाना
संस्कृत: छद्मगतौ
अंग्रेज़ी: to creep,to crawl,to proceed crookedly, to proceed fraudulently
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | त्सरति | त्सरतः | त्सरन्ति |
| मध्यम | त्सरसि | त्सरथः | त्सरथ |
| उत्तम | त्सरामि | त्सरावः | त्सरामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: त्सरति · लिट्: तत्सार · लुट्: त्सरिता · लृट्: त्सरिष्यति · लोट्: त्सरतात् · लङ्: अत्सरत् · विधिलिङ्: त्सरेत् · आशीर्लिङ्: त्सर्यात् · लुङ्: अत्सारीत् · लृङ्: अत्सरिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: त्सरण · ण्वुल्: त्सारकः · तृच्: त्सरिता · ण्यत्: त्सार्यः · तव्य: त्सरितव्यः · अनीयर्: त्सरणीयः · क्त: त्सरितः · क्तवतु: त्सरितवान् · शतृ: त्सरन् · स्य-शतृ: त्सरिष्यन् · क्त्वा: त्सरित्वा · ल्यप्: प्रत्सर्य · तुमुन्: त्सरितुम् · णमुल्: त्सारम् · घञ्: त्सारः · क्तिन्: त्सर्ति · क्वसु: तत्सर्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| त्सरति | त्सर् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: त्सरत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: त्सर् + शतृ | त्सरत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: त्सर् + शतृ |
त्सरति ➤ टेढ़ा जाना, कपट पूर्वक जाना, छिपकर जाना
संस्कृत: छद्मगतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड