॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: देना, आहुति देना
संस्कृत: दाने
अंग्रेज़ी: to give,to offer an oblation
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | दाशति | दाशतः | दाशन्ति |
| मध्यम | दाशसि | दाशथः | दाशथ |
| उत्तम | दाशामि | दाशावः | दाशामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: दाशति · लट् (आत्मने.): दाशते · लिट्: ददाश · लिट् (आत्मने.): ददाशे · लुट्: दाशिता · लुट् (आत्मने.): दाशिता · लृट्: दाशिष्यति · लृट् (आत्मने.): दाशिष्यते · लोट्: दाशतात् · लोट् (आत्मने.): दाशताम् · लङ्: अदाशत् · लङ् (आत्मने.): अदाशत · विधिलिङ्: दाशेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): दाशेत · आशीर्लिङ्: दाश्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): दाशिषीष्ट · लुङ्: अदाशीत् · लुङ् (आत्मने.): अदाशिष्ट · लृङ्: अदाशिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अदाशिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: दाशन · ण्वुल्: दाशकः · तृच्: दाशिता · ण्यत्: दाश्यः · तव्य: दाशितव्यः · अनीयर्: दाशनीयः · क्त: दाशितः · क्तवतु: दाशितवान् · शतृ: दाशन् · स्य-शतृ: दाशिष्यन् · शानच्: दाशमानः · क्त्वा: दाशित्वा · ल्यप्: प्रदाश्य · तुमुन्: दाशितुम् · णमुल्: दाशम् · घञ्: दाशः · क्तिन्: दाष्टि · क्वसु: ददाश्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| दाशति | दाश् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: दाशता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: दाश + तल् (भाववाचक) | दाशत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: दाश् + शतृ |
दाशति ➤ देना, आहुति देना
संस्कृत: दाने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड