॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: खंडन करना, तोडना
संस्कृत: खण्डने आर्जवे च
अंग्रेज़ी: to cut off,to break
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | दीदांसति | दीदांसतः | दीदांसन्ति |
| मध्यम | दीदांससि | दीदांसथः | दीदांसथ |
| उत्तम | दीदांसामि | दीदांसावः | दीदांसामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: दीदांसति · लट् (आत्मने.): दीदांसते · लिट्: दीदांसाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): दीदांसाञ्चक्रे · लुट्: दीदांसिता · लुट् (आत्मने.): दीदांसिता · लृट्: दीदांसिष्यति · लृट् (आत्मने.): दीदांसिष्यते · लोट्: दीदांसतात् · लोट् (आत्मने.): दीदांसताम् · लङ्: अदीदांसत् · लङ् (आत्मने.): अदीदांसत · विधिलिङ्: दीदांसेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): दीदांसेत · आशीर्लिङ्: दीदांस्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): दीदांसिषीष्ट · लुङ्: अदीदांसीत् · लुङ् (आत्मने.): अदीदांसिष्ट · लृङ्: अदीदांसिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अदीदांसिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: दीदांसन · ण्वुल्: दीदांसकः · तृच्: दीदांसिता · यत्: दीदांस्यः · तव्य: दीदांसितव्यः · अनीयर्: दीदांसनीयः · क्त: दीदांसितः · क्तवतु: दीदांसितवान् · शतृ: दीदांसन् · स्य-शतृ: दीदांसिष्यन् · शानच्: दीदांसमानः · क्त्वा: दीदांसित्वा · ल्यप्: प्रदीदांस्य · तुमुन्: दीदांसितुम् · णमुल्: दीदांसम् · घञ्: दीदांसः · क्तिन्: दीदांस्ति · क्वसु: दीदांसाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| दीदांसति | दान् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: दीदांसत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: दान् + शतृ | दीदांसत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: दान् + शतृ |
दीदांसति ➤ खंडन करना, तोडना
संस्कृत: खण्डने आर्जवे च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड