॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: खेलना, जीतने की इच्छा करना, व्यवहार करना, तेजस्वी होना, चमकना, प्रशंसा करना, स्तुति करना, प्रसन्न होना या करना, गर्व करना, सो जाना, चाहना, जाना
संस्कृत: क्रीडाविजिगीषाव्यवहारद्युतिस्तुतिमोदमदस्वप्नकान्तिगतिषु
अंग्रेज़ी: to play, to gamble, to dice, to desire to win, to transact, to glow, to shine, to praise, to please, to boast, to sleep, to wish, to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | दीव्यति | दीव्यतः | दीव्यन्ति |
| मध्यम | दीव्यसि | दीव्यथः | दीव्यथ |
| उत्तम | दीव्यामि | दीव्यावः | दीव्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: दीव्यति · लिट्: दिदेव · लुट्: देविता · लृट्: देविष्यति · लोट्: दीव्यतात् · लङ्: अदीव्यत् · विधिलिङ्: दीव्येत् · आशीर्लिङ्: दीव्यात् · लुङ्: अदेवीत् · लृङ्: अदेविष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: देवन · ण्वुल्: देवकः · तृच्: देविता · ण्यत्: देव्यः · तव्य: देवितव्यः · अनीयर्: देवनीयः · क्त: द्यूनः · क्तवतु: द्यूनवान् · शतृ: दीव्यन् · स्य-शतृ: देविष्यन् · क्त्वा: द्यूत्वा · ल्यप्: प्रदीव्य · तुमुन्: देवितुम् · णमुल्: देवम् · घञ्: देवः · क्तिन्: द्यूति · क्वसु: दिदिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| दीव्यति | दिव् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: दीव्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: दिव् + शतृ | दीव्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: दिव् + शतृ |
दीव्यति ➤ खेलना, जीतने की इच्छा करना, व्यवहार करना, तेजस्वी होना, चमकना, प्रशंसा करना, स्तुति करना, प्रसन्न होना या करना, गर्व करना, सो जाना, चाहना, जाना
संस्कृत: क्रीडाविजिगीषाव्यवहारद्युतिस्तुतिमोदमदस्वप्नकान्तिगतिषु
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड