॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: दुःख देना
संस्कृत: परितापे
अंग्रेज़ी: to feel sad
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | दूयते | दूयेते | दूयन्ते |
| मध्यम | दूयसे | दूयेथे | दूयध्वे |
| उत्तम | दूये | दूयावहे | दूयामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): दूयते · लिट् (आत्मने.): दुदुवे · लुट् (आत्मने.): दविता · लृट् (आत्मने.): दविष्यते · लोट् (आत्मने.): दूयताम् · लङ् (आत्मने.): अदूयत · विधिलिङ् (आत्मने.): दूयेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): दविषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अदविष्ट · लृङ् (आत्मने.): अदविष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: दवन · ण्वुल्: दावकः · तृच्: दविता · यत्: दव्यः · ण्यत्: दाव्यः · तव्य: दवितव्यः · अनीयर्: दवनीयः · क्त: दूनः · क्तवतु: दूनवान् · शानच्: दूयमानः · क्त्वा: दूत्वा · ल्यप्: प्रदूय · तुमुन्: दवितुम् · णमुल्: दावम् · क्तिन्: दूति · क्वसु: दुदूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| दूयते | दू धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: दू धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे | दु धातु (स्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे |
दूयते ➤ दुःख देना
संस्कृत: परितापे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड