॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चमकना, प्रकाशित होना
संस्कृत: दीप्तौ
अंग्रेज़ी: to glow, to illumine
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | द्योतते | द्योतेते | द्योतन्ते |
| मध्यम | द्योतसे | द्योतेथे | द्योतध्वे |
| उत्तम | द्योते | द्योतावहे | द्योतामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): द्योतते · लिट् (आत्मने.): दिद्युते · लुट् (आत्मने.): द्योतिता · लृट् (आत्मने.): द्योतिष्यते · लोट् (आत्मने.): द्योतताम् · लङ् (आत्मने.): अद्योतत · विधिलिङ् (आत्मने.): द्योतेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): द्योतिषीष्ट · लुङ्: अद्युतत् · लुङ् (आत्मने.): अद्योतिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अद्योतिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: द्योतन · ण्वुल्: द्योतकः · तृच्: द्योतिता · ण्यत्: द्योत्यः · तव्य: द्योतितव्यः · अनीयर्: द्योतनीयः · क्त: द्युतितः · क्तवतु: द्युतितवान् · शानच्: द्योतमानः · क्त्वा: द्युतित्वा · ल्यप्: प्रद्युत्य · तुमुन्: द्योतितुम् · णमुल्: द्योतम् · घञ्: द्योतः · क्तिन्: द्युत्ति · क्वसु: दिद्युत्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| द्योतते | द्युत् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: द्योतता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: द्योत + तल् (भाववाचक) | द्योतता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · तद्धित: द्योत + तल् (भाववाचक) |
द्योतते ➤ चमकना, प्रकाशित होना
संस्कृत: दीप्तौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.५ सेकण्ड