॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जगना, जागृत रहना
संस्कृत: निद्राक्षये निक्षेपे च
अंग्रेज़ी: to wake up, to stay awake
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | द्राहते | द्राहेते | द्राहन्ते |
| मध्यम | द्राहसे | द्राहेथे | द्राहध्वे |
| उत्तम | द्राहे | द्राहावहे | द्राहामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): द्राहते · लिट् (आत्मने.): दद्राहे · लुट् (आत्मने.): द्राहिता · लृट् (आत्मने.): द्राहिष्यते · लोट् (आत्मने.): द्राहताम् · लङ् (आत्मने.): अद्राहत · विधिलिङ् (आत्मने.): द्राहेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): द्राहिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अद्राहिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अद्राहिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: द्राहण · ण्वुल्: द्राहकः · तृच्: द्राहिता · ण्यत्: द्राह्यः · तव्य: द्राहितव्यः · अनीयर्: द्राहणीयः · क्त: द्राहितः · क्तवतु: द्राहितवान् · शानच्: द्राहमाणः · क्त्वा: द्राहित्वा · ल्यप्: प्रद्राह्य · तुमुन्: द्राहितुम् · णमुल्: द्राहम् · घञ्: द्राहः · क्तिन्: द्राग्धि · क्वसु: दद्राह्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| द्राहते | द्राह् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: द्राहता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: द्राह् + घञ् · तद्धित: द्राह + तल् (भाववाचक) | द्राहता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: द्राह् + घञ् · तद्धित: द्राह + तल् (भाववाचक) |
द्राहते ➤ जगना, जागृत रहना
संस्कृत: निद्राक्षये निक्षेपे च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड