🕉️ 29 October 2026, Thursday · 07:40:16 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

धूनोति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

धूनोति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

धूनोति

अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं

संस्कृत: कम्पने

अंग्रेज़ी: to shake,to tremble

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. धू धातु (स्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — धू (स्वादिगण) · अर्थ: (कम्पने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमधूनोतिधूनुतःधून्वन्ति
मध्यमधूनोषिधूनुथःधूनुथ
उत्तमधूनोमिधूनुवः / धून्वःधूनुमः / धून्मः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: धूनोति · लट् (आत्मने.): धूनुते · लिट्: दुधाव · लिट् (आत्मने.): दुधुवे · लुट्: धविता · लुट् (आत्मने.): धविता · लृट्: धविष्यति · लृट् (आत्मने.): धविष्यते · लोट्: धूनुतात् · लोट् (आत्मने.): धूनुताम् · लङ्: अधूनोत् · लङ् (आत्मने.): अधूनुत · विधिलिङ्: धूनुयात् · विधिलिङ् (आत्मने.): धून्वीत · आशीर्लिङ्: धूयात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): धविषीष्ट · लुङ्: अधावीत् · लुङ् (आत्मने.): अधविष्ट · लृङ्: अधविष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अधविष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: धवन · ण्वुल्: धावकः · तृच्: धोता · यत्: धव्यः · ण्यत्: धाव्यः · तव्य: धोतव्यः · अनीयर्: धवनीयः · क्त: धूतः · क्तवतु: धूतवान् · शतृ: धून्वन् · स्य-शतृ: धोष्यन् · शानच्: धून्वानः · क्त्वा: धूत्वा · ल्यप्: प्रधूय · तुमुन्: धोतुम् · णमुल्: धावम् · क्तिन्: धूति · क्वसु: दुधूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
धूनोतिधू धातु (स्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

धूनोति ➤ to shake,to tremble (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: कम्पने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.५ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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