॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: अदर्शन होना, नाश होना, दिखाई न देना
संस्कृत: अदर्शने
अंग्रेज़ी: to disappear,to perish,to get destroyed, to be invisible
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | नश्यति | नश्यतः | नश्यन्ति |
| मध्यम | नश्यसि | नश्यथः | नश्यथ |
| उत्तम | नश्यामि | नश्यावः | नश्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: नश्यति · लिट्: ननाश · लुट्: नंष्टा · लृट्: नङ्क्ष्यति · लोट्: नश्यतात् · लङ्: अनश्यत् · विधिलिङ्: नश्येत् · आशीर्लिङ्: नश्यात् · लुङ्: अनशत् · लृङ्: अनङ्क्ष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: नशन · ण्वुल्: नाशकः · तृच्: नशिता · ण्यत्: नाश्यः · तव्य: नशितव्यः · अनीयर्: नशनीयः · क्त: नष्टः · क्तवतु: नष्टवान् · शतृ: नश्यन् · स्य-शतृ: नशिष्यन् · क्त्वा: नशित्वा · ल्यप्: प्रणश्य · तुमुन्: नशितुम् · णमुल्: नाशम् · घञ्: नाशः · क्तिन्: नष्टि · क्वसु: नेशिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| नश्यति | नश् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: नश्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: नश् + शतृ | नश्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: नश् + शतृ |
नश्यति ➤ अदर्शन होना, नाश होना, दिखाई न देना
संस्कृत: अदर्शने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड