॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चुम्बन लेना
संस्कृत: चुम्बने
अंग्रेज़ी: to kiss
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | निक्षति | निक्षतः | निक्षन्ति |
| मध्यम | निक्षसि | निक्षथः | निक्षथ |
| उत्तम | निक्षामि | निक्षावः | निक्षामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: निक्षति · लिट्: निनिक्ष · लुट्: निक्षिता · लृट्: निक्षिष्यति · लोट्: निक्षतात् · लङ्: अनिक्षत् · विधिलिङ्: निक्षेत् · आशीर्लिङ्: निक्ष्यात् · लुङ्: अनिक्षीत् · लृङ्: अनिक्षिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: निक्षण · ण्वुल्: निक्षकः · तृच्: निक्षिता · ण्यत्: निक्ष्यः · तव्य: निक्षितव्यः · अनीयर्: निक्षणीयः · क्त: निक्षितः · क्तवतु: निक्षितवान् · शतृ: निक्षन् · स्य-शतृ: निक्षिष्यन् · क्त्वा: निक्षित्वा · ल्यप्: प्रणिक्ष्य · तुमुन्: निक्षितुम् · णमुल्: निक्षम् · घञ्: निक्षः · क्तिन्: निष्टि · क्वसु: निनिक्ष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| निक्षति | निक्ष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: निक्षता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: निक्ष + तल् (भाववाचक) | निक्षत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: निक्ष् + शतृ |
निक्षति ➤ चुम्बन लेना
संस्कृत: चुम्बने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड