॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: स्वच्छ करना, निर्मल करना
संस्कृत: शुद्धौ
अंग्रेज़ी: to purify, to cleanse
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | निङ्क्ते | निञ्जाते | निञ्जते |
| मध्यम | निङ्क्षे | निञ्जाथे | निङ्ग्ध्वे |
| उत्तम | निञ्जे | निञ्ज्वहे | निञ्ज्महे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): निङ्क्ते · लिट् (आत्मने.): निनिञ्जे · लुट् (आत्मने.): निञ्जिता · लृट् (आत्मने.): निञ्जिष्यते · लोट् (आत्मने.): निङ्क्ताम् · लङ् (आत्मने.): अनिङ्क्त · विधिलिङ् (आत्मने.): निञ्जीत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): निञ्जिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अनिञ्जिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अनिञ्जिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: निञ्जन · ण्वुल्: निञ्जकः · तृच्: निञ्जिता · ण्यत्: निञ्ज्यः · तव्य: निञ्जितव्यः · अनीयर्: निञ्जनीयः · क्त: निञ्जितः · क्तवतु: निञ्जितवान् · शानच्: निञ्जानः · क्त्वा: निञ्जित्वा · ल्यप्: प्रणिज्य · तुमुन्: निञ्जितुम् · णमुल्: निञ्जम् · घञ्: निङ्गः · क्तिन्: निङ्क्ति · क्वसु: निनिञ्ज्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| निङ्क्ते | निञ्ज् धातु (अदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: निङ्क्ति (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: निञ्ज् + क्तिन् |
निङ्क्ते ➤ स्वच्छ करना, निर्मल करना
संस्कृत: शुद्धौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड