॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: स्तुति करना
संस्कृत: स्तवने
अंग्रेज़ी: to praise
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | नुवति | नुवतः | नुवन्ति |
| मध्यम | नुवसि | नुवथः | नुवथ |
| उत्तम | नुवामि | नुवावः | नुवामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: नुवति · लिट्: नुनाव · लुट्: नुविता · लृट्: नुविष्यति · लोट्: नुवतात् · लङ्: अनुवत् · विधिलिङ्: नुवेत् · आशीर्लिङ्: नूयात् · लुङ्: अनुवीत् · लृङ्: अनुविष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: नुवन · ण्वुल्: नावकः · तृच्: नुविता · यत्: नूयः · ण्यत्: नाव्यः · तव्य: नुवितव्यः · अनीयर्: नुवनीयः · क्त: नूतः · क्तवतु: नूतवान् · शतृ: नुवन् · स्य-शतृ: नुविष्यन् · क्त्वा: नूत्वा · ल्यप्: प्रणूय · तुमुन्: नुवितुम् · णमुल्: नावम् · क्तिन्: नूति · क्वसु: नुनूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| नुवति | नू धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: नुवत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: नु + शतृ | नुवत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: नु + शतृ |
नुवति ➤ स्तुति करना
संस्कृत: स्तवने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड