🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:39:30 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

पञ्चति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

पञ्चति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

पञ्चति

अर्थ: फैलाना, पसारना, प्रपंच करना

संस्कृत: विस्तारवचने

अंग्रेज़ी: to spread, to expand

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. पञ्च् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. पञ्चत् (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन
  3. पञ्चत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पञ्च् + शतृ
  4. पञ्चत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पञ्च् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — पञ्च् (चुरादिगण) · अर्थ: फैलाना, पसारना, प्रपंच करना (विस्तारवचने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमपञ्चति / पञ्चयतिपञ्चतः / पञ्चयतःपञ्चन्ति / पञ्चयन्ति
मध्यमपञ्चयसि / पञ्चसिपञ्चथः / पञ्चयथःपञ्चथ / पञ्चयथ
उत्तमपञ्चयामि / पञ्चामिपञ्चयावः / पञ्चावःपञ्चयामः / पञ्चामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पञ्चति · लट् (आत्मने.): पञ्चयते · लिट्: पञ्चयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): पञ्चयाञ्चक्रे · लुट्: पञ्चयिता · लुट् (आत्मने.): पञ्चयिता · लृट्: पञ्चयिष्यति · लृट् (आत्मने.): पञ्चयिष्यते · लोट्: पञ्चतात् · लोट् (आत्मने.): पञ्चयताम् · लङ्: अपञ्चत् · लङ् (आत्मने.): अपञ्चयत · विधिलिङ्: पञ्चयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): पञ्चयेत · आशीर्लिङ्: पञ्च्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): पञ्चयिषीष्ट · लुङ्: अपञ्चीत् · लुङ् (आत्मने.): अपपञ्चत · लृङ्: अपञ्चयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अपञ्चयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पञ्चन · ण्वुल्: पञ्चकः · तृच्: पञ्चिता · यत्: पञ्च्यः · ण्यत्: पञ्च्यः · तव्य: पञ्चितव्यः · अनीयर्: पञ्चनीयः · क्त: पञ्चितः · क्तवतु: पञ्चितवान् · शतृ: पञ्चन् · स्य-शतृ: पञ्चिष्यन् · शानच्: पञ्चयमानः · क्त्वा: पञ्चित्वा · ल्यप्: प्रपञ्च्य · तुमुन्: पञ्चितुम् · णमुल्: पञ्चम् · घञ्: पङ्कः · क्तिन्: पङ्क्ति · क्वसु: पपञ्च्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
पञ्चतिपञ्च् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: पञ्चत् (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन | पञ्चत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पञ्च् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

पञ्चति ➤ फैलाना, पसारना, प्रपंच करना
संस्कृत: विस्तारवचने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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