॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चमकना, बोलना
संस्कृत: भाषायाम्
अंग्रेज़ी: to speak, to talk, to shine, to glow
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पटति / पाटयति | पटतः / पाटयतः | पटन्ति / पाटयन्ति |
| मध्यम | पटसि / पाटयसि | पटथः / पाटयथः | पटथ / पाटयथ |
| उत्तम | पटामि / पाटयामि | पटावः / पाटयावः | पटामः / पाटयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पटति · लट् (आत्मने.): पाटयते · लिट्: पपाट · लिट् (आत्मने.): पाटयाञ्चक्रे · लुट्: पटिता · लुट् (आत्मने.): पाटयिता · लृट्: पटिष्यति · लृट् (आत्मने.): पाटयिष्यते · लोट्: पटतात् · लोट् (आत्मने.): पाटयताम् · लङ्: अपटत् · लङ् (आत्मने.): अपाटयत · विधिलिङ्: पटेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): पाटयेत · आशीर्लिङ्: पट्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): पाटयिषीष्ट · लुङ्: अपटीत् · लुङ् (आत्मने.): अपीपटत · लृङ्: अपटिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अपाटयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पटन · ण्वुल्: पाटकः · तृच्: पटिता · यत्: पाट्यः · ण्यत्: पाट्यः · तव्य: पटितव्यः · अनीयर्: पटनीयः · क्त: पटितः · क्तवतु: पटितवान् · शतृ: पटन् · स्य-शतृ: पटिष्यन् · शानच्: पाटयमानः · क्त्वा: पटित्वा · ल्यप्: प्रपट्य · तुमुन्: पटितुम् · णमुल्: पाटम् · घञ्: पाटः · क्तिन्: पट्टि · क्वसु: पेटिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पटति | पट् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पट् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | पटता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: पट + तल् (भाववाचक) |
पटति ➤ चमकना, बोलना
संस्कृत: भाषायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड