॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जाना
संस्कृत: गतौ
अंग्रेज़ी: to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पण्डते | पण्डेते | पण्डन्ते |
| मध्यम | पण्डसे | पण्डेथे | पण्डध्वे |
| उत्तम | पण्डे | पण्डावहे | पण्डामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): पण्डते · लिट् (आत्मने.): पपण्डे · लुट् (आत्मने.): पण्डिता · लृट् (आत्मने.): पण्डिष्यते · लोट् (आत्मने.): पण्डताम् · लङ् (आत्मने.): अपण्डत · विधिलिङ् (आत्मने.): पण्डेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): पण्डिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अपण्डिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अपण्डिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पण्डन · ण्वुल्: पण्डकः · तृच्: पण्डिता · ण्यत्: पण्ड्यः · तव्य: पण्डितव्यः · अनीयर्: पण्डनीयः · क्त: पण्डितः · क्तवतु: पण्डितवान् · शानच्: पण्डमानः · क्त्वा: पण्डित्वा · ल्यप्: प्रपण्ड्य · तुमुन्: पण्डितुम् · णमुल्: पण्डम् · घञ्: पण्डः · क्तिन्: पण्टि · क्वसु: पपण्ड्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पण्डते | पण्ड् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पण्डता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: पण्ड + तल् (भाववाचक) | पण्डत् (नपुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पण्ड् + शतृ |
पण्डते ➤ जाना
संस्कृत: गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड