॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जाना, नीचे गिरना, उतरना
संस्कृत: गतौ
अंग्रेज़ी: to fall down, to go down, to descend, to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पतति / पतयति / पातयति | पततः / पतयतः / पातयतः | पतन्ति / पतयन्ति / पातयन्ति |
| मध्यम | पतयसि / पतसि / पातयसि | पतथः / पतयथः / पातयथः | पतथ / पतयथ / पातयथ |
| उत्तम | पतयामि / पतामि / पातयामि | पतयावः / पतावः / पातयावः | पतयामः / पतामः / पातयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पतति · लट् (आत्मने.): पतयते · लिट्: पतयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): पतयाञ्चक्रे · लुट्: पतयिता · लुट् (आत्मने.): पतयिता · लृट्: पतयिष्यति · लृट् (आत्मने.): पतयिष्यते · लोट्: पततात् · लोट् (आत्मने.): पतयताम् · लङ्: अपतत् · लङ् (आत्मने.): अपतयत · विधिलिङ्: पतयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): पतयेत · आशीर्लिङ्: पत्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): पतयिषीष्ट · लुङ्: अपतीत् · लुङ् (आत्मने.): अपपतत · लृङ्: अपतयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अपतयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पतन · ण्वुल्: पतकः · तृच्: पतिता · यत्: पत्यः · तव्य: पतितव्यः · अनीयर्: पतनीयः · क्त: पतितः · क्तवतु: पतितवान् · शतृ: पतन् · स्य-शतृ: पतिष्यन् · शानच्: पातयमानः · क्त्वा: पतित्वा · ल्यप्: प्रपत्य · तुमुन्: पतितुम् · णमुल्: पतम् · घञ्: पतः · क्तिन्: पत्ति · क्वसु: पताम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पतति | पत धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पत् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | पतत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पत् + शतृ |
पतति ➤ जाना, नीचे गिरना, उतरना
संस्कृत: गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड