🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:39:03 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

पर्चति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

पर्चति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

पर्चति

अर्थ: स्पर्श करना, छूना, अटकाना, हरकत करना, संयमन करना

संस्कृत: संयमने

अंग्रेज़ी: to touch, to hold, to control, to restrain

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. पृच् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. पर्चत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पृच् + शतृ
  3. पर्चता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पृच् + अच् · तद्धित: पर्च + तल् (भाववाचक)
  4. पर्चत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पृच् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — पृच् (चुरादिगण) · अर्थ: स्पर्श करना, छूना, अटकाना, हरकत करना, संयमन करना (संयमने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमपर्चति / पर्चयतिपर्चतः / पर्चयतःपर्चन्ति / पर्चयन्ति
मध्यमपर्चयसि / पर्चसिपर्चथः / पर्चयथःपर्चथ / पर्चयथ
उत्तमपर्चयामि / पर्चामिपर्चयावः / पर्चावःपर्चयामः / पर्चामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पर्चति · लट् (आत्मने.): पर्चयते · लिट्: पपर्च · लिट् (आत्मने.): पर्चयाञ्चक्रे · लुट्: पर्चयिता · लुट् (आत्मने.): पर्चयिता · लृट्: पर्चयिष्यति · लृट् (आत्मने.): पर्चयिष्यते · लोट्: पर्चतात् · लोट् (आत्मने.): पर्चयताम् · लङ्: अपर्चत् · लङ् (आत्मने.): अपर्चयत · विधिलिङ्: पर्चयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): पर्चयेत · आशीर्लिङ्: पर्च्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): पर्चयिषीष्ट · लुङ्: अपपर्चत् · लुङ् (आत्मने.): अपपर्चत · लृङ्: अपर्चयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अपर्चयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पर्चन · ण्वुल्: पर्चकः · तृच्: पर्चिता · यत्: पर्च्यः · तव्य: पर्चितव्यः · अनीयर्: पर्चनीयः · क्त: पृचितः · क्तवतु: पृचितवान् · शतृ: पर्चन् · स्य-शतृ: पर्चिष्यन् · शानच्: पर्चयमानः · क्त्वा: पर्चित्वा · ल्यप्: प्रपृच्य · तुमुन्: पर्चितुम् · णमुल्: पर्चम् · घञ्: पर्कः · क्तिन्: पृक्ति · क्वसु: पपृच्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
पर्चतिपृच् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: पर्चत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पृच् + शतृ | पर्चता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पृच् + अच् · तद्धित: पर्च + तल् (भाववाचक)

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

पर्चति ➤ स्पर्श करना, छूना, अटकाना, हरकत करना, संयमन करना
संस्कृत: संयमने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें