॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हरा करना, हरा होना
संस्कृत: हरितभावे
अंग्रेज़ी: to become green, to color green
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पर्णयति | पर्णयतः | पर्णयन्ति |
| मध्यम | पर्णयसि | पर्णयथः | पर्णयथ |
| उत्तम | पर्णयामि | पर्णयावः | पर्णयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पर्णयति · लट् (आत्मने.): पर्णयते · लिट्: पर्णयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): पर्णयाञ्चक्रे · लुट्: पर्णयिता · लुट् (आत्मने.): पर्णयिता · लृट्: पर्णयिष्यति · लृट् (आत्मने.): पर्णयिष्यते · लोट्: पर्णयतात् · लोट् (आत्मने.): पर्णयताम् · लङ्: अपर्णयत् · लङ् (आत्मने.): अपर्णयत · विधिलिङ्: पर्णयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): पर्णयेत · आशीर्लिङ्: पर्ण्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): पर्णयिषीष्ट · लुङ्: अपपर्णत् · लुङ् (आत्मने.): अपपर्णत · लृङ्: अपर्णयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अपर्णयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पर्णन · ण्वुल्: पर्णकः · तृच्: पर्णयिता · यत्: पर्ण्यः · तव्य: पर्णयितव्यः · अनीयर्: पर्णनीयः · क्त: पर्णितः · क्तवतु: पर्णितवान् · शतृ: पर्णयन् · स्य-शतृ: पर्णयिष्यन् · शानच्: पर्णयमानः · क्त्वा: पर्णयित्वा · ल्यप्: प्रपर्ण्य · तुमुन्: पर्णयितुम् · णमुल्: पर्णम् · क्तिन्: पर्ण्टि · क्वसु: पर्णयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पर्णयति | पर्ण धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पृण् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | पर्ण धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
पर्णयति ➤ हरा करना, हरा होना
संस्कृत: हरितभावे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड