॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: रक्षा करना, पालन करना
संस्कृत: रक्षणे
अंग्रेज़ी: to protect, to preserve
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पाति | पातः | पान्ति |
| मध्यम | पासि | पाथः | पाथ |
| उत्तम | पामि | पावः | पामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पाति · लिट्: पपौ · लुट्: पाता · लृट्: पास्यति · लोट्: पातात् · लङ्: अपात् · विधिलिङ्: पायात् · आशीर्लिङ्: पायात् · लुङ्: अपासीत् · लृङ्: अपास्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पान · ण्वुल्: पायकः · तृच्: पाता · यत्: पेयः · तव्य: पातव्यः · अनीयर्: पानीयः · क्त: पातः · क्तवतु: पातवान् · शतृ: पान् · स्य-शतृ: पास्यन् · क्त्वा: पात्वा · ल्यप्: प्रपाय · तुमुन्: पातुम् · णमुल्: पायम् · घञ्: पायः · क्तिन्: पाति · क्वसु: पपिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पाति | पा धातु (अदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पातिन् (नपुं.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन | पातिन् (नपुं.) — द्वितीया विभक्ति, एकवचन |
पाति ➤ रक्षा करना, पालन करना
संस्कृत: रक्षणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड