॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: भरना, पूर्ण करना
संस्कृत: पूरणे
अंग्रेज़ी: to fill, to complete
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | परति / पारयति | परतः / पारयतः | परन्ति / पारयन्ति |
| मध्यम | परसि / पारयसि | परथः / पारयथः | परथ / पारयथ |
| उत्तम | परामि / पारयामि | परावः / पारयावः | परामः / पारयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: परति · लट् (आत्मने.): पारयते · लिट्: पपार · लिट् (आत्मने.): पारयाञ्चक्रे · लुट्: परिता · लुट् (आत्मने.): पारयिता · लृट्: परिष्यति · लृट् (आत्मने.): पारयिष्यते · लोट्: परतात् · लोट् (आत्मने.): पारयताम् · लङ्: अपरत् · लङ् (आत्मने.): अपारयत · विधिलिङ्: परेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): पारयेत · आशीर्लिङ्: पार्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): पारयिषीष्ट · लुङ्: अपारीत् · लुङ् (आत्मने.): अपीपरत · लृङ्: अपरिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अपारयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: परण · ण्वुल्: पारकः · तृच्: परीता · यत्: पार्यः · ण्यत्: पार्यः · तव्य: परीतव्यः · अनीयर्: परणीयः · क्त: पूर्तः · क्तवतु: पूर्तवान् · शतृ: परन् · स्य-शतृ: परीष्यन् · शानच्: पारयमाणः · क्त्वा: पूर्त्वा · ल्यप्: प्रपूर्य · तुमुन्: परीतुम् · णमुल्: पारम् · क्तिन्: पूर्ति · क्वसु: पुपूर्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पारयति | पॄ धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पार धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | पृ धातु (स्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
पारयति ➤ भरना, पूर्ण करना
संस्कृत: पूरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड