॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: संपर्क करना, मिलाना
संस्कृत: सम्पर्चने
अंग्रेज़ी: to unite, to communicate
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पृक्ते | पृचाते | पृचते |
| मध्यम | पृक्षे | पृचाथे | पृग्ध्वे |
| उत्तम | पृचे | पृच्वहे | पृच्महे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): पृक्ते · लिट् (आत्मने.): पपृचे · लुट् (आत्मने.): पर्चिता · लृट् (आत्मने.): पर्चिष्यते · लोट् (आत्मने.): पृक्ताम् · लङ् (आत्मने.): अपृक्त · विधिलिङ् (आत्मने.): पृचीत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): पर्चिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अपर्चिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अपर्चिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पर्चन · ण्वुल्: पर्चकः · तृच्: पर्चिता · तव्य: पर्चितव्यः · अनीयर्: पर्चनीयः · क्त: पृक्तः · क्तवतु: पृक्तवान् · शानच्: पृचानः · क्त्वा: पर्चित्वा · ल्यप्: प्रपृच्य · तुमुन्: पर्चितुम् · णमुल्: पर्चम् · घञ्: पर्कः · क्तिन्: पृक्ति · क्वसु: पपृच्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पृक्ते | पृच् धातु (अदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पृक्ति (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन | पृक्त (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पृच् + क्त |
पृक्ते ➤ संपर्क करना, मिलाना
संस्कृत: सम्पर्चने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड