॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: वर्णे
अंग्रेज़ी: to color, to paint, to make shine
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पृङ्क्ते | पृञ्जाते | पृञ्जते |
| मध्यम | पृङ्क्षे | पृञ्जाथे | पृङ्ग्ध्वे |
| उत्तम | पृञ्जे | पृञ्ज्वहे | पृञ्ज्महे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): पृङ्क्ते · लिट् (आत्मने.): पपृञ्जे · लुट् (आत्मने.): पृञ्जिता · लृट् (आत्मने.): पृञ्जिष्यते · लोट् (आत्मने.): पृङ्क्ताम् · लङ् (आत्मने.): अपृङ्क्त · विधिलिङ् (आत्मने.): पृञ्जीत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): पृञ्जिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अपृञ्जिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अपृञ्जिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पृञ्जन · ण्वुल्: पृञ्जकः · तृच्: पृञ्जिता · ण्यत्: पृञ्ज्यः · तव्य: पृञ्जितव्यः · अनीयर्: पृञ्जनीयः · क्त: पृञ्जितः · क्तवतु: पृञ्जितवान् · शानच्: पृञ्जानः · क्त्वा: पृञ्जित्वा · ल्यप्: प्रपृज्य · तुमुन्: पृञ्जितुम् · णमुल्: पृञ्जम् · घञ्: पृङ्गः · क्तिन्: पृङ्क्ति · क्वसु: पपृञ्ज्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पृङ्क्ते | पृञ्ज् धातु (अदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पृङ्क्ति (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: पृञ्ज् + क्तिन् |
पृङ्क्ते ➤ to color, to paint, to make shine (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: वर्णे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड