॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जाना, आज्ञा करना, स्पर्श करना, आलिंगन करना
संस्कृत: गतिप्रेरणश्लेषणेषु
अंग्रेज़ी: to go,to inspire, to send,to touch,to hug, to embrace
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पैणति | पैणतः | पैणन्ति |
| मध्यम | पैणसि | पैणथः | पैणथ |
| उत्तम | पैणामि | पैणावः | पैणामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पैणति · लिट्: पिपैण · लुट्: पैणिता · लृट्: पैणिष्यति · लोट्: पैणतात् · लङ्: अपैणत् · विधिलिङ्: पैणेत् · आशीर्लिङ्: पैण्यात् · लुङ्: अपैणीत् · लृङ्: अपैणिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पैणन · ण्वुल्: पैणकः · तृच्: पैणिता · ण्यत्: पैण्यः · तव्य: पैणितव्यः · अनीयर्: पैणनीयः · क्त: पैणितः · क्तवतु: पैणितवान् · शतृ: पैणन् · स्य-शतृ: पैणिष्यन् · क्त्वा: पैणित्वा · ल्यप्: प्रपैण्य · तुमुन्: पैणितुम् · णमुल्: पैणम् · घञ्: पैणः · क्तिन्: पैण्टि · क्वसु: पिपैण्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पैणति | पैण् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पैणत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पैण् + शतृ | पैणत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पैण् + शतृ |
पैणति ➤ जाना, आज्ञा करना, स्पर्श करना, आलिंगन करना
संस्कृत: गतिप्रेरणश्लेषणेषु
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड