॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बोलना
संस्कृत: भाषायाम्
अंग्रेज़ी: to speak, to talk
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पोथति / पोथयति | पोथतः / पोथयतः | पोथन्ति / पोथयन्ति |
| मध्यम | पोथयसि / पोथसि | पोथथः / पोथयथः | पोथथ / पोथयथ |
| उत्तम | पोथयामि / पोथामि | पोथयावः / पोथावः | पोथयामः / पोथामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पोथति · लट् (आत्मने.): पोथयते · लिट्: पुपोथ · लिट् (आत्मने.): पोथयाञ्चक्रे · लुट्: पोथयिता · लुट् (आत्मने.): पोथयिता · लृट्: पोथयिष्यति · लृट् (आत्मने.): पोथयिष्यते · लोट्: पोथतात् · लोट् (आत्मने.): पोथयताम् · लङ्: अपोथत् · लङ् (आत्मने.): अपोथयत · विधिलिङ्: पोथयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): पोथयेत · आशीर्लिङ्: पुथ्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): पोथयिषीष्ट · लुङ्: अपूपुथत् · लुङ् (आत्मने.): अपूपुथत · लृङ्: अपोथयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अपोथयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पोथन · ण्वुल्: पोथकः · तृच्: पोथिता · यत्: पोथ्यः · ण्यत्: पोथ्यः · तव्य: पोथितव्यः · अनीयर्: पोथनीयः · क्त: पुथितः · क्तवतु: पुथितवान् · शतृ: पोथन् · स्य-शतृ: पोथिष्यन् · शानच्: पोथयमानः · क्त्वा: पुथित्वा · ल्यप्: प्रपुथ्य · तुमुन्: पोथितुम् · णमुल्: पोथम् · घञ्: पोथः · क्तिन्: पुत्ति · क्वसु: पुपुथ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पोथति | पुथ् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पोथता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: पोथ + तल् (भाववाचक) | पोथत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पुथ् + शतृ |
पोथति ➤ बोलना
संस्कृत: भाषायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड