॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: राशि होना, ढेर होना, बढ़ना, ऊँचा होना
संस्कृत: महत्त्वे
अंग्रेज़ी: to be great, to pile up, to grow, to be large
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पोलति | पोलतः | पोलन्ति |
| मध्यम | पोलसि | पोलथः | पोलथ |
| उत्तम | पोलामि | पोलावः | पोलामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पोलति · लिट्: पुपोल · लुट्: पोलिता · लृट्: पोलिष्यति · लोट्: पोलतात् · लङ्: अपोलत् · विधिलिङ्: पोलेत् · आशीर्लिङ्: पुल्यात् · लुङ्: अपोलीत् · लृङ्: अपोलिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पोलन · ण्वुल्: पोलकः · तृच्: पोलिता · ण्यत्: पोल्यः · तव्य: पोलितव्यः · अनीयर्: पोलनीयः · क्त: पुलितः · क्तवतु: पुलितवान् · शतृ: पोलन् · स्य-शतृ: पोलिष्यन् · क्त्वा: पुलित्वा · ल्यप्: प्रपुल्य · तुमुन्: पोलितुम् · णमुल्: पोलम् · घञ्: पोलः · क्तिन्: पुल्ति · क्वसु: पुपुल्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पोलति | पुल् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पोलता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: पोल + तल् (भाववाचक) | पोलत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पुल् + शतृ |
पोलति ➤ राशि होना, ढेर होना, बढ़ना, ऊँचा होना
संस्कृत: महत्त्वे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड