॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: मर्दन करना, घिसना, दवाना
संस्कृत: मर्दने विमर्दने
अंग्रेज़ी: to press, to massage, to rub
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | प्रोडति | प्रोडतः | प्रोडन्ति |
| मध्यम | प्रोडसि | प्रोडथः | प्रोडथ |
| उत्तम | प्रोडामि | प्रोडावः | प्रोडामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: प्रोडति · लिट्: पुप्रोड · लुट्: प्रोडिता · लृट्: प्रोडिष्यति · लोट्: प्रोडतात् · लङ्: अप्रोडत् · विधिलिङ्: प्रोडेत् · आशीर्लिङ्: प्रुड्यात् · लुङ्: अप्रोडीत् · लृङ्: अप्रोडिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: प्रोडन · ण्वुल्: प्रोडकः · तृच्: प्रोडिता · ण्यत्: प्रोड्यः · तव्य: प्रोडितव्यः · अनीयर्: प्रोडनीयः · क्त: प्रुडितः · क्तवतु: प्रुडितवान् · शतृ: प्रोडन् · स्य-शतृ: प्रोडिष्यन् · क्त्वा: प्रुडित्वा · ल्यप्: प्रप्रुड्य · तुमुन्: प्रोडितुम् · णमुल्: प्रोडम् · घञ्: प्रोडः · क्तिन्: प्रुट्टि · क्वसु: पुप्रुड्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| प्रोडति | प्रुड् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: प्रोडत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: प्रुड् + शतृ | प्रोडत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: प्रुड् + शतृ |
प्रोडति ➤ मर्दन करना, घिसना, दवाना
संस्कृत: मर्दने विमर्दने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड