॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जलाना
संस्कृत: दाहे
अंग्रेज़ी: to burn
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | प्लुष्यति | प्लुष्यतः | प्लुष्यन्ति |
| मध्यम | प्लुष्यसि | प्लुष्यथः | प्लुष्यथ |
| उत्तम | प्लुष्यामि | प्लुष्यावः | प्लुष्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: प्लुष्यति · लिट्: पुप्लोष · लुट्: प्लोषिता · लृट्: प्लोषिष्यति · लोट्: प्लुष्यतात् · लङ्: अप्लुष्यत् · विधिलिङ्: प्लुष्येत् · आशीर्लिङ्: प्लुष्यात् · लुङ्: अप्लुषत् · लृङ्: अप्लोषिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: प्लोषण · ण्वुल्: प्लोषकः · तृच्: प्लोषिता · ण्यत्: प्लोष्यः · तव्य: प्लोषितव्यः · अनीयर्: प्लोषणीयः · क्त: प्लुषितः · क्तवतु: प्लुषितवान् · शतृ: प्लुष्यन् · स्य-शतृ: प्लोषिष्यन् · क्त्वा: प्लुषित्वा · ल्यप्: प्रप्लुष्य · तुमुन्: प्लोषितुम् · णमुल्: प्लोषम् · घञ्: प्लोषः · क्तिन्: प्लुष्टि · क्वसु: पुप्लुष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| प्लुष्यति | प्लुष् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: प्लुष्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: प्लुष् + शतृ | प्लुष्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: प्लुष् + शतृ |
प्लुष्यति ➤ जलाना
संस्कृत: दाहे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड