॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: फल जैसे वृक्ष का
संस्कृत: वृक्षफलम्, वस्त्रयोनिः, फलकः, लाङ्गलस्याधस्थलोहकाष्ठम्, अधिकफलम्, सस्यहेतुकृतम् · पर्याय: सस्य
व्युत्पत्ति: फल्+अच् (कृदन्त)
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
📗 शब्द-रूपावली में पूरी तालिका
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | फलम् | फले | फलानि |
| द्वितीया | फलम् | फले | फलानि |
| तृतीया | फलेन | फलाभ्याम् | फलैः |
| चतुर्थी | फलाय | फलाभ्याम् | फलेभ्यः |
| पञ्चमी | फलात् / फलाद् | फलाभ्याम् | फलेभ्यः |
| षष्ठी | फलस्य | फलयोः | फलानाम् |
| सप्तमी | फले | फलयोः | फलेषु |
| सम्बोधन | हे फल | हे फले | हे फलानि |
रंगीन खाना = आपका लिखा रूप। रूप प्रतिमान (paradigm) से बने हैं; कुछ शब्दों के वैकल्पिक/आर्ष रूप भिन्न हो सकते हैं।
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| फलम् | फल (नपुं.) — द्वितीया विभक्ति, एकवचन अन्य सम्भावना: फल (नपुं.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन | फल् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लङ् लकार, उत्तम पुरुष, एकवचन (माङ्योग में अट्-आगम का अभाव — न माङ्योगे) |
फलम् ➤ फल जैसे वृक्ष का
संस्कृत: वृक्षफलम्, वस्त्रयोनिः, फलकः, लाङ्गलस्याधस्थलोहकाष्ठम्, अधिकफलम्, सस्यहेतुकृतम् · पर्याय: सस्य
| शब्द | अमरकोश — विषय, पर्याय |
|---|---|
| फल |
वृक्ष का फल (२.४.१५) — सस्य हल का (लोहे का) फाल (२.९.१४) — निरीश, कुटक, फाल, कृषक |
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इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड