॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिलना, स्फुरित होना
संस्कृत: सञ्चलने
अंग्रेज़ी: to throb, to pulse, to move, to palpitate
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | फुलति | फुलतः | फुलन्ति |
| मध्यम | फुलसि | फुलथः | फुलथ |
| उत्तम | फुलामि | फुलावः | फुलामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: फुलति · लिट्: पुफोल · लुट्: फोलिता · लृट्: फोलिष्यति · लोट्: फुलतात् · लङ्: अफुलत् · विधिलिङ्: फुलेत् · आशीर्लिङ्: फुल्यात् · लुङ्: अफोलीत् · लृङ्: अफोलिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: फोलन · ण्वुल्: फोलकः · तृच्: फोलिता · ण्यत्: फोल्यः · तव्य: फोलितव्यः · अनीयर्: फोलनीयः · क्त: फुलितः · क्तवतु: फुलितवान् · शतृ: फुलन् · स्य-शतृ: फोलिष्यन् · क्त्वा: फुलित्वा · ल्यप्: प्रफुल्य · तुमुन्: फोलितुम् · णमुल्: फोलम् · घञ्: फोलः · क्तिन्: फुल्ति · क्वसु: पुफुल्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| फुलति | फुल् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: फुलत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: फुल् + शतृ | फुलत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: फुल् + शतृ |
फुलति ➤ हिलना, स्फुरित होना
संस्कृत: सञ्चलने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड