॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: शब्दे
अंग्रेज़ी: to sound
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | बणति | बणतः | बणन्ति |
| मध्यम | बणसि | बणथः | बणथ |
| उत्तम | बणामि | बणावः | बणामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: बणति · लिट्: बबाण · लुट्: बणिता · लृट्: बणिष्यति · लोट्: बणतात् · लङ्: अबणत् · विधिलिङ्: बणेत् · आशीर्लिङ्: बण्यात् · लुङ्: अबणीत् · लृङ्: अबणिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: बणन · ण्वुल्: बाणकः · तृच्: बणिता · ण्यत्: बाण्यः · तव्य: बणितव्यः · अनीयर्: बणनीयः · क्त: बणितः · क्तवतु: बणितवान् · शतृ: बणन् · स्य-शतृ: बणिष्यन् · क्त्वा: बणित्वा · ल्यप्: प्रबण्य · तुमुन्: बणितुम् · णमुल्: बाणम् · घञ्: बाणः · क्तिन्: बाण्टि · क्वसु: बेणिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| बणति | बण् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: बणत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: बण् + शतृ | बणत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: बण् + शतृ |
बणति ➤ to sound (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: शब्दे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड