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🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

बल्हति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

बल्हति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

बल्हति

अर्थ: बोलना

संस्कृत: भाषायाम्

अंग्रेज़ी: to speak, to talk

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. बल्ह् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. बल्हत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: बल्ह् + शतृ
  3. बल्हत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: बल्ह् + शतृ
  4. बल्हता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: बल्ह् + घञ् · तद्धित: बल्ह + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — बल्ह् (चुरादिगण) · अर्थ: बोलना (भाषायाम्)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमबल्हति / बल्हयतिबल्हतः / बल्हयतःबल्हन्ति / बल्हयन्ति
मध्यमबल्हयसि / बल्हसिबल्हथः / बल्हयथःबल्हथ / बल्हयथ
उत्तमबल्हयामि / बल्हामिबल्हयावः / बल्हावःबल्हयामः / बल्हामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: बल्हति · लट् (आत्मने.): बल्हयते · लिट्: बबल्ह · लिट् (आत्मने.): बल्हयाञ्चक्रे · लुट्: बल्हयिता · लुट् (आत्मने.): बल्हयिता · लृट्: बल्हयिष्यति · लृट् (आत्मने.): बल्हयिष्यते · लोट्: बल्हतात् · लोट् (आत्मने.): बल्हयताम् · लङ्: अबल्हत् · लङ् (आत्मने.): अबल्हयत · विधिलिङ्: बल्हयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): बल्हयेत · आशीर्लिङ्: बल्ह्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): बल्हयिषीष्ट · लुङ्: अबबल्हत् · लुङ् (आत्मने.): अबबल्हत · लृङ्: अबल्हयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अबल्हयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: बल्हन · ण्वुल्: बल्हकः · तृच्: बल्हिता · यत्: बल्ह्यः · ण्यत्: बल्ह्यः · तव्य: बल्हितव्यः · अनीयर्: बल्हनीयः · क्त: बल्हितः · क्तवतु: बल्हितवान् · शतृ: बल्हन् · स्य-शतृ: बल्हिष्यन् · शानच्: बल्हयमानः · क्त्वा: बल्हित्वा · ल्यप्: प्रबल्ह्य · तुमुन्: बल्हितुम् · णमुल्: बल्हम् · घञ्: बल्हः · क्तिन्: बल्ढि · क्वसु: बबल्ह्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
बल्हतिबल्ह् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: बल्हत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: बल्ह् + शतृ | बल्हत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: बल्ह् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

बल्हति ➤ बोलना
संस्कृत: भाषायाम्

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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