॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बच्चों जैसा, नन्हा, अवयस्क
व्युत्पत्ति: बाल + कन् (तद्धितान्त)
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
📗 शब्द-रूपावली में पूरी तालिका
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | बालकः | बालकौ | बालकाः |
| द्वितीया | बालकम् | बालकौ | बालकान् |
| तृतीया | बालकेन | बालकाभ्याम् | बालकैः |
| चतुर्थी | बालकाय | बालकाभ्याम् | बालकेभ्यः |
| पञ्चमी | बालकात् / बालकाद् | बालकाभ्याम् | बालकेभ्यः |
| षष्ठी | बालकस्य | बालकयोः | बालकानाम् |
| सप्तमी | बालके | बालकयोः | बालकेषु |
| सम्बोधन | हे बालक | हे बालकौ | हे बालकाः |
रंगीन खाना = आपका लिखा रूप। रूप प्रतिमान (paradigm) से बने हैं; कुछ शब्दों के वैकल्पिक/आर्ष रूप भिन्न हो सकते हैं।
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| बालकः | बालक (पुं.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन |
बालकः ➤ बच्चों जैसा, नन्हा, अवयस्क
| शब्द | अमरकोश — विषय, पर्याय |
|---|---|
| बालक |
दारक (३.३.२२) — फाड़ने पृथुक (३.३.३) — चिउड़ा |
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इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड