॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: प्रत्यक्ष ज्ञान, संबोध
संस्कृत: बुद्धिः · पर्याय: मनीषा, धिषणा, धी, प्रज्ञा, शेमुषी
व्युत्पत्ति: बुध् + क्तिन् (कृदन्त)
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
📗 शब्द-रूपावली में पूरी तालिका
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | बुद्धिः | बुद्धी | बुद्धयः |
| द्वितीया | बुद्धिम् | बुद्धी | बुद्धीः |
| तृतीया | बुद्ध्या | बुद्धिभ्याम् | बुद्धिभिः |
| चतुर्थी | बुद्धये / बुद्ध्यै | बुद्धिभ्याम् | बुद्धिभ्यः |
| पञ्चमी | बुद्धेः / बुद्ध्याः | बुद्धिभ्याम् | बुद्धिभ्यः |
| षष्ठी | बुद्धेः / बुद्ध्याः | बुद्ध्योः | बुद्धीनाम् |
| सप्तमी | बुद्धौ / बुद्ध्याम् | बुद्ध्योः | बुद्धिषु |
| सम्बोधन | हे बुद्धे | हे बुद्धी | हे बुद्धयः |
रंगीन खाना = आपका लिखा रूप। रूप प्रतिमान (paradigm) से बने हैं; कुछ शब्दों के वैकल्पिक/आर्ष रूप भिन्न हो सकते हैं।
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| बुद्धिः | बुद्धि (स्त्री.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन |
बुद्धिः ➤ प्रत्यक्ष ज्ञान, संबोध
संस्कृत: बुद्धिः · पर्याय: मनीषा, धिषणा, धी, प्रज्ञा, शेमुषी
| शब्द | अमरकोश — विषय, पर्याय |
|---|---|
| बुद्धि |
बुद्धि के नाम (१.५.१) — मनीषा, धिषणा, धी, प्रज्ञा, शेमुषी, मति, प्रेक्षा, उपलब्धि प्रज्ञान (३.३.१३०) — चिह्न |
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इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड