॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: उपहास करना, बोलना
संस्कृत: परिभाषणे
अंग्रेज़ी: to speak, to tease, to mock
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | भण्डते | भण्डेते | भण्डन्ते |
| मध्यम | भण्डसे | भण्डेथे | भण्डध्वे |
| उत्तम | भण्डे | भण्डावहे | भण्डामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): भण्डते · लिट् (आत्मने.): बभण्डे · लुट् (आत्मने.): भण्डिता · लृट् (आत्मने.): भण्डिष्यते · लोट् (आत्मने.): भण्डताम् · लङ् (आत्मने.): अभण्डत · विधिलिङ् (आत्मने.): भण्डेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): भण्डिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अभण्डिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अभण्डिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: भण्डन · ण्वुल्: भण्डकः · तृच्: भण्डिता · ण्यत्: भण्ड्यः · तव्य: भण्डितव्यः · अनीयर्: भण्डनीयः · क्त: भण्डितः · क्तवतु: भण्डितवान् · शानच्: भण्डमानः · क्त्वा: भण्डित्वा · ल्यप्: प्रभण्ड्य · तुमुन्: भण्डितुम् · णमुल्: भण्डम् · घञ्: भण्डः · क्तिन्: भण्टि · क्वसु: बभण्ड्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| भण्डते | भण्ड् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: भण्डता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: भण्ड + तल् (भाववाचक) | भण्डत् (नपुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भण्ड् + शतृ |
भण्डते ➤ उपहास करना, बोलना
संस्कृत: परिभाषणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड