॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: मारना, हिंसा करना
संस्कृत: हिंसायाम्
अंग्रेज़ी: to kill, to destroy, to hurt
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | भर्वति | भर्वतः | भर्वन्ति |
| मध्यम | भर्वसि | भर्वथः | भर्वथ |
| उत्तम | भर्वामि | भर्वावः | भर्वामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: भर्वति · लिट्: बभर्व · लुट्: भर्विता · लृट्: भर्विष्यति · लोट्: भर्वतात् · लङ्: अभर्वत् · विधिलिङ्: भर्वेत् · आशीर्लिङ्: भर्व्यात् · लुङ्: अभर्वीत् · लृङ्: अभर्विष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: भर्वण · ण्वुल्: भर्वकः · तृच्: भर्विता · ण्यत्: भर्व्यः · तव्य: भर्वितव्यः · अनीयर्: भर्वणीयः · क्त: भर्वितः · क्तवतु: भर्वितवान् · शतृ: भर्वन् · स्य-शतृ: भर्विष्यन् · क्त्वा: भर्वित्वा · ल्यप्: प्रभर्व्य · तुमुन्: भर्वितुम् · णमुल्: भर्वम् · घञ्: भर्वः · क्तिन्: भर्ति · क्वसु: बभर्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| भर्वति | भर्व् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: भर्वत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भर्व् + शतृ | भर्वत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भर्व् + शतृ |
भर्वति ➤ मारना, हिंसा करना
संस्कृत: हिंसायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड