॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चमकना, प्रकाशित होना
संस्कृत: दीप्तौ
अंग्रेज़ी: to shine,to appear,to become evident, to glow
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | भासते | भासेते | भासन्ते |
| मध्यम | भाससे | भासेथे | भासध्वे |
| उत्तम | भासे | भासावहे | भासामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): भासते · लिट् (आत्मने.): बभासे · लुट् (आत्मने.): भासिता · लृट् (आत्मने.): भासिष्यते · लोट् (आत्मने.): भासताम् · लङ् (आत्मने.): अभासत · विधिलिङ् (आत्मने.): भासेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): भासिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अभासिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अभासिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: भासन · ण्वुल्: भासकः · तृच्: भासिता · ण्यत्: भास्यः · तव्य: भासितव्यः · अनीयर्: भासनीयः · क्त: भासितः · क्तवतु: भासितवान् · शानच्: भासमानः · क्त्वा: भासित्वा · ल्यप्: प्रभास्य · तुमुन्: भासितुम् · णमुल्: भासम् · घञ्: भासः · क्तिन्: भास्ति · क्वसु: बभास्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| भासते | भास् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
भासते ➤ चमकना, प्रकाशित होना
संस्कृत: दीप्तौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड