🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 05:22:42 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

भूः

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

भूः

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

भूः

अर्थ: होना

संस्कृत: सत्तायाम्

अंग्रेज़ी: to exist, to become, to be, to happen

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. भू धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लुङ् लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन (माङ्योग में अट्-आगम का अभाव — न माङ्योगे)
  2. अव्ययम्
  3. भू (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन
  4. भू (स्त्री.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन
  5. भू (पुं.) — सम्बोधन, एकवचन
  6. भू धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लुङ् लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन (माङ्योग में अट्-आगम का अभाव — न माङ्योगे)
  7. अस् धातु (अदादिगण, परस्मैपद) — लुङ् लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन (माङ्योग में अट्-आगम का अभाव — न माङ्योगे)
  8. भू (पुं.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — भू (भ्वादिगण) · अर्थ: होना (सत्तायाम्)

लुङ् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमअभूत् / अभूद्अभूताम्अभूवन्
मध्यमअभूःअभूतम्अभूत
उत्तमअभूवम्अभूवअभूम

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: भवति · लिट्: बभूव · लुट्: भविता · लृट्: भविष्यति · लोट्: भवतात् · लङ्: अभवत् · विधिलिङ्: भवेत् · आशीर्लिङ्: भूयात् · लुङ्: अभूत् · लृङ्: अभविष्यत्

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: भवन · ण्वुल्: भावकः · तृच्: भविता · यत्: भव्यः · ण्यत्: भाव्यः · तव्य: भवितव्यः · अनीयर्: भवनीयः · क्त: भूतः · क्तवतु: भूतवान् · शतृ: भवन् · स्य-शतृ: भविष्यन् · क्त्वा: भूत्वा · ल्यप्: प्रभूय · तुमुन्: भवितुम् · णमुल्: भावम् · घञ्: भावः · क्तिन्: भूति · क्वसु: बभूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
भूःभू धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लुङ् लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन (माङ्योग में अट्-आगम का अभाव — न माङ्योगे)
अन्य सम्भावना: अव्ययम् | भू (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

भूः ➤ होना
संस्कृत: सत्तायाम्

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें