॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सजाना, अलंकृत करना
संस्कृत: अलङ्करणे
अंग्रेज़ी: to adorn, to decorate
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | भूषयति | भूषयतः | भूषयन्ति |
| मध्यम | भूषयसि | भूषयथः | भूषयथ |
| उत्तम | भूषयामि | भूषयावः | भूषयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: भूषयति · लट् (आत्मने.): भूषयते · लिट्: भूषयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): भूषयाञ्चक्रे · लुट्: भूषयिता · लुट् (आत्मने.): भूषयिता · लृट्: भूषयिष्यति · लृट् (आत्मने.): भूषयिष्यते · लोट्: भूषयतात् · लोट् (आत्मने.): भूषयताम् · लङ्: अभूषयत् · लङ् (आत्मने.): अभूषयत · विधिलिङ्: भूषयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): भूषयेत · आशीर्लिङ्: भूष्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): भूषयिषीष्ट · लुङ्: अबूभुषत् · लुङ् (आत्मने.): अबूभुषत · लृङ्: अभूषयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अभूषयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: भूषण · ण्वुल्: भूषकः · तृच्: भूषयिता · यत्: भूष्यः · तव्य: भूषयितव्यः · अनीयर्: भूषणीयः · क्त: भूषितः · क्तवतु: भूषितवान् · शतृ: भूषयन् · स्य-शतृ: भूषयिष्यन् · शानच्: भूषयमाणः · क्त्वा: भूषयित्वा · ल्यप्: प्रभूष्य · तुमुन्: भूषयितुम् · णमुल्: भूषम् · क्तिन्: भूष्टि · क्वसु: भूषयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| भूषयति | भूष् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: भूष् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | भूष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
भूषयति ➤ सजाना, अलंकृत करना
संस्कृत: अलङ्करणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड