🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:39:44 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

भृज्जति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

भृज्जति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

भृज्जति

अर्थ: पकाना, भुजना

संस्कृत: पाके

अंग्रेज़ी: to fry,to roast,to parch

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. भ्रज्ज् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. भृज्जत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भ्रज्ज् + शतृ
  3. भृज्जत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भ्रज्ज् + शतृ
  4. भृज्जती (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: भ्रज्ज् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — भ्रज्ज् (तुदादिगण) · अर्थ: पकाना, भुजना (पाके)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमभृज्जतिभृज्जतःभृज्जन्ति
मध्यमभृज्जसिभृज्जथःभृज्जथ
उत्तमभृज्जामिभृज्जावःभृज्जामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: भृज्जति · लट् (आत्मने.): भृज्जते · लिट्: बभर्ज · लिट् (आत्मने.): बभर्जे · लुट्: भर्ष्टा · लुट् (आत्मने.): भर्ष्टा · लृट्: भर्क्ष्यति · लृट् (आत्मने.): भर्क्ष्यते · लोट्: भृज्जतात् · लोट् (आत्मने.): भृज्जताम् · लङ्: अभृज्जत् · लङ् (आत्मने.): अभृज्जत · विधिलिङ्: भृज्जेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): भृज्जेत · आशीर्लिङ्: भृज्ज्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): भर्क्षीष्ट · लुङ्: अभार्क्षीत् · लुङ् (आत्मने.): अभर्ष्ट · लृङ्: अभर्क्ष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अभर्क्ष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: भर्जन · ण्वुल्: भर्जकः · तृच्: भर्ष्टा · ण्यत्: भर्ज्यः · तव्य: भर्ष्टव्यः · अनीयर्: भर्जनीयः · क्त: भृष्टः · क्तवतु: भृष्टवान् · शतृ: भृज्जन् · स्य-शतृ: भर्क्ष्यन् · शानच्: भृज्जमानः · क्त्वा: भृष्ट्वा · ल्यप्: प्रभृज्ज्य · तुमुन्: भर्ष्टुम् · णमुल्: भर्जम् · घञ्: भर्गः · क्तिन्: भृष्टि · क्वसु: बभृज्ज्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
भृज्जतिभ्रज्ज् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: भृज्जत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भ्रज्ज् + शतृ | भृज्जत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भ्रज्ज् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

भृज्जति ➤ पकाना, भुजना
संस्कृत: पाके

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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