🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:21:51 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

भृश्यति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

भृश्यति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

भृश्यति

अर्थ: गिरना, भ्रष्ट होना

संस्कृत: अधःपतने

अंग्रेज़ी: to churn,to agitate,to shake, to move

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. भृश् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. भृश्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भृश् + शतृ
  3. भृश्यता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भृश् + क्यप् · तद्धित: भृश्य + तल् (भाववाचक)
  4. भृश्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भृश् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — भृश् (दिवादिगण) · अर्थ: गिरना, भ्रष्ट होना (अधःपतने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमभृश्यतिभृश्यतःभृश्यन्ति
मध्यमभृश्यसिभृश्यथःभृश्यथ
उत्तमभृश्यामिभृश्यावःभृश्यामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: भृश्यति · लिट्: बभर्श · लुट्: भर्शिता · लृट्: भर्शिष्यति · लोट्: भृश्यतात् · लङ्: अभृश्यत् · विधिलिङ्: भृश्येत् · आशीर्लिङ्: भृश्यात् · लुङ्: अभृशत् · लृङ्: अभर्शिष्यत्

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: भर्शन · ण्वुल्: भर्शकः · तृच्: भर्शिता · तव्य: भर्शितव्यः · अनीयर्: भर्शनीयः · क्त: भृष्टः · क्तवतु: भृष्टवान् · शतृ: भृश्यन् · स्य-शतृ: भर्शिष्यन् · क्त्वा: भृष्ट्वा · ल्यप्: प्रभृश्य · तुमुन्: भर्शितुम् · णमुल्: भर्शम् · घञ्: भर्शः · क्तिन्: भृष्टि · क्वसु: बभृश्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
भृश्यतिभृश् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: भृश्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भृश् + शतृ | भृश्यता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भृश् + क्यप् · तद्धित: भृश्य + तल् (भाववाचक)

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

भृश्यति ➤ गिरना, भ्रष्ट होना
संस्कृत: अधःपतने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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