॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: अवस्रंसने
अंग्रेज़ी: to fall down,to drop,to slip off,to hang down, to slide, to deteriorate
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | भ्रंशते | भ्रंशेते | भ्रंशन्ते |
| मध्यम | भ्रंशसे | भ्रंशेथे | भ्रंशध्वे |
| उत्तम | भ्रंशे | भ्रंशावहे | भ्रंशामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): भ्रंशते · लिट् (आत्मने.): बभ्रंशे · लुट् (आत्मने.): भ्रंशिता · लृट् (आत्मने.): भ्रंशिष्यते · लोट् (आत्मने.): भ्रंशताम् · लङ् (आत्मने.): अभ्रंशत · विधिलिङ् (आत्मने.): भ्रंशेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): भ्रंशिषीष्ट · लुङ्: अभ्रशत् · लुङ् (आत्मने.): अभ्रंशिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अभ्रंशिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: भ्रंशन · ण्वुल्: भ्रंशकः · तृच्: भ्रंशिता · ण्यत्: भ्रंश्यः · तव्य: भ्रंशितव्यः · अनीयर्: भ्रंशनीयः · क्त: भ्रष्टः · क्तवतु: भ्रष्टवान् · शानच्: भ्रंशमानः · क्त्वा: भ्रष्ट्वा · ल्यप्: प्रभ्रश्य · तुमुन्: भ्रंशितुम् · णमुल्: भ्रंशम् · घञ्: भ्रंशः · क्तिन्: भ्रष्टि · क्वसु: बभ्रश्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| भ्रंशते | भ्रंश् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: भ्रंशता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: भ्रंश + तल् (भाववाचक) | भ्रंशता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · तद्धित: भ्रंश + तल् (भाववाचक) |
भ्रंशते ➤ to fall down,to drop,to slip off,to hang down, to slide, to deteriorate (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: अवस्रंसने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड