॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जाना
संस्कृत: गतौ
अंग्रेज़ी: to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | मङ्खति | मङ्खतः | मङ्खन्ति |
| मध्यम | मङ्खसि | मङ्खथः | मङ्खथ |
| उत्तम | मङ्खामि | मङ्खावः | मङ्खामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: मङ्खति · लिट्: ममङ्ख · लुट्: मङ्खिता · लृट्: मङ्खिष्यति · लोट्: मङ्खतात् · लङ्: अमङ्खत् · विधिलिङ्: मङ्खेत् · आशीर्लिङ्: मङ्ख्यात् · लुङ्: अमङ्खीत् · लृङ्: अमङ्खिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मङ्खन · ण्वुल्: मङ्खकः · तृच्: मङ्खिता · ण्यत्: मङ्ख्यः · तव्य: मङ्खितव्यः · अनीयर्: मङ्खनीयः · क्त: मङ्खितः · क्तवतु: मङ्खितवान् · शतृ: मङ्खन् · स्य-शतृ: मङ्खिष्यन् · क्त्वा: मङ्खित्वा · ल्यप्: प्रमङ्ख्य · तुमुन्: मङ्खितुम् · णमुल्: मङ्खम् · घञ्: मङ्खः · क्तिन्: मङ्क्ति · क्वसु: ममङ्ख्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| मङ्खति | मङ्ख् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: मङ्खता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: मङ्ख + तल् (भाववाचक) | मङ्खत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मङ्ख् + शतृ |
मङ्खति ➤ जाना
संस्कृत: गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड