॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हर्षित होना, थकना, श्रान्त होना
संस्कृत: हर्षग्लेपनयोः
अंग्रेज़ी: to enjoy, to be happy, to be tired, to be distressed
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | मदति | मदतः | मदन्ति |
| मध्यम | मदसि | मदथः | मदथ |
| उत्तम | मदामि | मदावः | मदामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: मदति · लिट्: ममाद · लुट्: मदिता · लृट्: मदिष्यति · लोट्: मदतात् · लङ्: अमदत् · विधिलिङ्: मदेत् · आशीर्लिङ्: मद्यात् · लुङ्: अमदीत् · लृङ्: अमदिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मदन · ण्वुल्: मादकः · तृच्: मदिता · यत्: मद्यः · तव्य: मदितव्यः · अनीयर्: मदनीयः · क्त: मत्तः · क्तवतु: मत्तवान् · शतृ: मदन् · स्य-शतृ: मदिष्यन् · क्त्वा: मदित्वा · ल्यप्: प्रमद्य · तुमुन्: मदितुम् · णमुल्: मादम् · घञ्: मादः · क्तिन्: मत्ति · क्वसु: मेदिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| मदति | मद् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: मदता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: मद + तल् (भाववाचक) | मदत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मद् + शतृ |
मदति ➤ हर्षित होना, थकना, श्रान्त होना
संस्कृत: हर्षग्लेपनयोः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड