॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जानना, समझना, विचार करना, मानना
संस्कृत: अवबोधने
अंग्रेज़ी: to understand, to regard, to think, to believe, to assume
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | मनुते | मन्वाते | मन्वते |
| मध्यम | मनुषे | मन्वाथे | मनुध्वे |
| उत्तम | मन्वे | मनुवहे / मन्वहे | मनुमहे / मन्महे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): मनुते · लिट् (आत्मने.): मेने · लुट् (आत्मने.): मनिता · लृट् (आत्मने.): मनिष्यते · लोट् (आत्मने.): मनुताम् · लङ् (आत्मने.): अमनुत · विधिलिङ् (आत्मने.): मन्वीत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): मनिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अमत · लृङ् (आत्मने.): अमनिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मनन · ण्वुल्: मानकः · तृच्: मनिता · ण्यत्: मान्यः · तव्य: मनितव्यः · अनीयर्: मननीयः · क्त: मतः · क्तवतु: मतवान् · शानच्: मन्वानः · क्त्वा: मत्वा · ल्यप्: प्रमत्य · तुमुन्: मनितुम् · णमुल्: मानम् · घञ्: मानः · क्तिन्: मति · क्वसु: मेनिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| मनुते | मन् धातु (तनादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: मनुता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: मनु + तल् (भाववाचक) | मनुता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · तद्धित: मनु + तल् (भाववाचक) |
मनुते ➤ जानना, समझना, विचार करना, मानना
संस्कृत: अवबोधने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड