॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चाहना, इच्छा करना
संस्कृत: काङ्क्षायाम्
अंग्रेज़ी: to desire, to long for, to wish
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | माङ्क्षति | माङ्क्षतः | माङ्क्षन्ति |
| मध्यम | माङ्क्षसि | माङ्क्षथः | माङ्क्षथ |
| उत्तम | माङ्क्षामि | माङ्क्षावः | माङ्क्षामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: माङ्क्षति · लिट्: ममाङ्क्ष · लुट्: माङ्क्षिता · लृट्: माङ्क्षिष्यति · लोट्: माङ्क्षतात् · लङ्: अमाङ्क्षत् · विधिलिङ्: माङ्क्षेत् · आशीर्लिङ्: माङ्क्ष्यात् · लुङ्: अमाङ्क्षीत् · लृङ्: अमाङ्क्षिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: माङ्क्षण · ण्वुल्: माङ्क्षकः · तृच्: माङ्क्षिता · ण्यत्: माङ्क्ष्यः · तव्य: माङ्क्षितव्यः · अनीयर्: माङ्क्षणीयः · क्त: माङ्क्षितः · क्तवतु: माङ्क्षितवान् · शतृ: माङ्क्षन् · स्य-शतृ: माङ्क्षिष्यन् · क्त्वा: माङ्क्षित्वा · ल्यप्: प्रमाङ्क्ष्य · तुमुन्: माङ्क्षितुम् · णमुल्: माङ्क्षम् · घञ्: माङ्क्षः · क्तिन्: मांष्टि · क्वसु: ममाङ्क्ष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| माङ्क्षति | माङ्क्ष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: माङ्क्षत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: माङ्क्ष् + शतृ | माङ्क्षत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: माङ्क्ष् + शतृ |
माङ्क्षति ➤ चाहना, इच्छा करना
संस्कृत: काङ्क्षायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड