॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: स्वच्छ करना, धोना, पवित्र होना, अलंकृत करना
संस्कृत: शौचालङ्कारयोः
अंग्रेज़ी: to cleanse, to purify, to to decorate
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | मार्जति / मार्जयति | मार्जतः / मार्जयतः | मार्जन्ति / मार्जयन्ति |
| मध्यम | मार्जयसि / मार्जसि | मार्जथः / मार्जयथः | मार्जथ / मार्जयथ |
| उत्तम | मार्जयामि / मार्जामि | मार्जयावः / मार्जावः | मार्जयामः / मार्जामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: मार्जति · लट् (आत्मने.): मार्जयते · लिट्: ममार्ज · लिट् (आत्मने.): मार्जयाञ्चक्रे · लुट्: मार्जयिता · लुट् (आत्मने.): मार्जयिता · लृट्: मार्क्ष्यति · लृट् (आत्मने.): मार्जयिष्यते · लोट्: मार्जतात् · लोट् (आत्मने.): मार्जयताम् · लङ्: अमार्जत् · लङ् (आत्मने.): अमार्जयत · विधिलिङ्: मार्जयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): मार्जयेत · आशीर्लिङ्: मार्ज्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): मार्जयिषीष्ट · लुङ्: अममार्जत् · लुङ् (आत्मने.): अममार्जत · लृङ्: अमार्क्ष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अमार्जयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मार्जन · ण्वुल्: मार्जकः · तृच्: मार्ष्टा · यत्: मार्ज्यः · ण्यत्: मार्ज्यः · तव्य: मार्ष्टव्यः · अनीयर्: मार्जनीयः · क्त: मृष्टः · क्तवतु: मृष्टवान् · शतृ: मार्जन् · स्य-शतृ: मार्क्ष्यन् · शानच्: मार्जयमानः · क्त्वा: मृष्ट्वा · ल्यप्: प्रमृज्य · तुमुन्: मार्ष्टुम् · णमुल्: मार्जम् · घञ्: मार्गः · क्तिन्: मृष्टि · क्वसु: ममृज्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| मार्जति | मृज् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: मार्जता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: मार्ज + तल् (भाववाचक) | मार्जत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मृज् + शतृ |
मार्जति ➤ स्वच्छ करना, धोना, पवित्र होना, अलंकृत करना
संस्कृत: शौचालङ्कारयोः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड