॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: मिलना, संयुक्त होना, जुड़ना
संस्कृत: श्लेषणे
अंग्रेज़ी: to join, to unite, to meet
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | मिलति | मिलतः | मिलन्ति |
| मध्यम | मिलसि | मिलथः | मिलथ |
| उत्तम | मिलामि | मिलावः | मिलामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: मिलति · लिट्: मिमेल · लुट्: मेलिता · लृट्: मेलिष्यति · लोट्: मिलतात् · लङ्: अमिलत् · विधिलिङ्: मिलेत् · आशीर्लिङ्: मिल्यात् · लुङ्: अमेलीत् · लृङ्: अमेलिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मेलन · ण्वुल्: मेलकः · तृच्: मेलिता · ण्यत्: मेल्यः · तव्य: मेलितव्यः · अनीयर्: मेलनीयः · क्त: मिलितः · क्तवतु: मिलितवान् · शतृ: मिलन् · स्य-शतृ: मेलिष्यन् · क्त्वा: मिलित्वा · ल्यप्: प्रमिल्य · तुमुन्: मेलितुम् · णमुल्: मेलम् · घञ्: मेलः · क्तिन्: मिल्ति · क्वसु: मिमिल्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| मिलति | मिल् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: मिलत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मिल् + शतृ | मिलत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मिल् + शतृ |
मिलति ➤ मिलना, संयुक्त होना, जुड़ना
संस्कृत: श्लेषणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड