॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बाँधना, मार डालना या दुःख देना
संस्कृत: हिंसायाम्
अंग्रेज़ी: to tie, to bind, to kill, to destroy, to hurt
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | मीनाति | मीनीतः | मीनन्ति |
| मध्यम | मीनासि | मीनीथः | मीनीथ |
| उत्तम | मीनामि | मीनीवः | मीनीमः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: मीनाति · लट् (आत्मने.): मीनीते · लिट्: ममौ · लिट् (आत्मने.): मिम्ये · लुट्: माता · लुट् (आत्मने.): माता · लृट्: मास्यति · लृट् (आत्मने.): मास्यते · लोट्: मीनातु · लोट् (आत्मने.): मीनीताम् · लङ्: अमीनात् · लङ् (आत्मने.): अमीनीत · विधिलिङ्: मीनीयात् · विधिलिङ् (आत्मने.): मीनीत · आशीर्लिङ्: मीयात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): मासीष्ट · लुङ्: अमासीत् · लुङ् (आत्मने.): अमास्त · लृङ्: अमास्यत् · लृङ् (आत्मने.): अमास्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मान · ण्वुल्: मायकः · तृच्: माता · यत्: मेयः · तव्य: मातव्यः · अनीयर्: मानीयः · क्त: मीतः · क्तवतु: मीतवान् · शतृ: मीनन् · स्य-शतृ: मास्यन् · शानच्: मीनानः · क्त्वा: मीत्वा · ल्यप्: प्रमाय · तुमुन्: मातुम् · णमुल्: मायम् · क्तिन्: मीति · क्वसु: मिमीवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| मीनाति | मी धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: मीनाता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: मीना + तल् (भाववाचक) |
मीनाति ➤ बाँधना, मार डालना या दुःख देना
संस्कृत: हिंसायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड