॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: टुकड़े टुकड़े करना
संस्कृत: खण्डने
अंग्रेज़ी: to piece, to cut, to petition
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | मुस्यति | मुस्यतः | मुस्यन्ति |
| मध्यम | मुस्यसि | मुस्यथः | मुस्यथ |
| उत्तम | मुस्यामि | मुस्यावः | मुस्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: मुस्यति · लिट्: मुमोस · लुट्: मोसिता · लृट्: मोसिष्यति · लोट्: मुस्यतात् · लङ्: अमुस्यत् · विधिलिङ्: मुस्येत् · आशीर्लिङ्: मुस्यात् · लुङ्: अमुसत् · लृङ्: अमोसिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मोसन · ण्वुल्: मोसकः · तृच्: मोसिता · ण्यत्: मोस्यः · तव्य: मोसितव्यः · अनीयर्: मोसनीयः · क्त: मुसितः · क्तवतु: मुसितवान् · शतृ: मुस्यन् · स्य-शतृ: मोसिष्यन् · क्त्वा: मुसित्वा · ल्यप्: प्रमुस्य · तुमुन्: मोसितुम् · णमुल्: मोसम् · घञ्: मोसः · क्तिन्: मुस्ति · क्वसु: मुमुस्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| मुस्यति | मुस् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: मुस्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मुस् + शतृ | मुस्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मुस् + शतृ |
मुस्यति ➤ टुकड़े टुकड़े करना
संस्कृत: खण्डने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड